जय माँ शारदे
*◆रमेश छंद◆*
विधान~ [नगण यगण नगण जगण]
( 111 122 111 121 )
12 वर्ण, 4 चरण
[दो-दो चरण समतुकांत]
तरसत नैना अब प्रिय श्याम।
रुचत न मोहे घर कुछ काम।।
चितवत बांका अनुपम रूप।
नमन करूँ सेवहुँ सुरभूप।।
~शैलेन्द्र खरे"सोम"
आप सभी के लिए एक नये रूप में। साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक जानकारी। प्रदेश अध्यक्ष नीतेन्द्र सिंह परमार " भारत " विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत छतरपुर ( मध्यप्रदेश )
जिला चिकित्सालय छतरपुर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में ...
No comments:
Post a Comment