Sunday, May 5, 2019

शुभमाल छंद शैलेंद्र खरे " सोम "

*◆शुभमाल छंद◆*

शिल्प:- जगण जगण (121 121),
दो-दो चरण तुकांत,
[6 वर्ण प्रति चरण]

जपो  हरि नाम।
सदा सुख धाम।।
मिले सुख  चैन।
कटे  तम   रैन।।

सिया    भरतार।
करें  भव   पार।।
यही  जग  सार।
न "सोम"विचार।।

       ~शैलेन्द्र खरे"सोम"

No comments:

Post a Comment

विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत मध्यप्रदेश इकाई के द्वारा किया गया सम्मान....

जिला चिकित्सालय छतरपुर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में ...