Wednesday, May 29, 2019

अनंग पाल सिंह भदौरिया "अनंग" जी

मर्यादा  कर्तव्य का ,  झुठलाना  नहिं  ठीक ।
नहीं मुक्ति का अर्थ यह,समझो बात सटीक।।
समझो  बात सटीक , क्षुद्रताओं  को  छोड़ो ।
रहो  दुष्ट  से  दूर ,  न  उससे  नाता  जोड़ो ।।
कह"अनंग"करजोरि , करो  अपने से वादा ।
हटो न तजि कर्तव्य, और जग की मर्यादा ।।
            अनंग पाल सिंह भदौरिया"अनंग"

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