Thursday, April 30, 2026

सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह संपन्न - डॉ. विजय कुमार शर्मा




सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह संपन्न

छतरपुर प्राइम होटल में आज दिनांक 30/04/2026 को आयोजित सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय कुमार शर्मा सर को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय छतरपुर के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पमाला, गुलदस्ता एवं आत्मीय शुभकामनाओं के साथ डॉ. शर्मा सर का स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में डॉ. शर्मा सर अपने परिवार सहित उपस्थित रहे।

सम्मान स्वरूप उन्हें श्रीरामचरितमानस, चांदी का नारियल, शॉल एवं अन्य उपहार भेंट किए गए। साथ ही विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत मध्यप्रदेश इकाई की ओर से भी माला पहनाकर बधाई पत्र, शॉल एवं फल आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. सुरेखा खरे जी द्वारा डॉ. शर्मा जी के जीवन परिचय एवं सेवाओं पर आधारित विशिष्ट वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। उद्बोधन क्रम में आर.एम.ओ. डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. गायत्री नामदेव, डॉ. निधि खरे, डॉ. संजना रॉबिन्सन, डॉ. विनीत पटैरिया, डॉ. संजय मौर्या, डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. सुरभि खरे, डॉ. अरुण दुबे, डॉ. ओज डोसाज, डॉ. विनीत शर्मा, डॉ. रवि सोनी एवं डॉ. राजेश मिश्रा सहित नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती ज्योत्स्ना सिंह, श्रीमती आरती दीक्षित, श्रीमती आराधना चतुर्वेदी, श्रीमती सपना, रचना, प्रिन्सी, पूर्णिमा, रानी, प्रतिमा, श्री दिनेश प्रजापति, नीतेन्द्र सिंह, धीरज, रामसजन आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. शर्मा सर के सेवाकाल की सराहना की एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेखा खरे एवं नीतेन्द्र सिंह परमार द्वारा किया गया। आयोजन डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर के सहयोग से संपन्न हुआ, जबकि सुन्दर संयोजन डॉ. नंदकिशोर जाटव द्वारा किया गया। अंत में डॉ. शर्मा सर को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के उपरांत सभी ने स्वरुचि भोजन ग्रहण किया। इस प्रकार सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह गरिमामय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

साभार 


Tuesday, April 28, 2026

डॉक्टर और परिजन - नीतेन्द्र सिंह परमार भारत

डॉक्टर और परिजन

आज के समय में हम डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं। जब कोई मरीज सड़क दुर्घटना या किसी गंभीर घटना के बाद अस्पताल लाया जाता है, तब उसके परिजन डॉक्टरों से जीवन बचाने की उम्मीद रखते हैं। कई बार मरीज की स्थिति इतनी गंभीर होती है कि वह जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा होता है। ऐसे समय में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी पूरी क्षमता, अनुभव और मेहनत से उसे बचाने का प्रयास करते हैं।
जब तक उपचार चलता रहता है, तब तक परिजन डॉक्टर को भगवान का रूप मानते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश यदि उपचार के दौरान मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो वही डॉक्टर अचानक आरोपों के घेरे में आ जाता है। जिस व्यक्ति ने मरीज को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, उसी पर लापरवाही का आरोप लगाया जाने लगता है।
स्थिति कई बार इतनी तनावपूर्ण हो जाती है कि मरीज के परिजन डॉक्टर की शिकायत करने, अभद्र व्यवहार करने, यहाँ तक कि हिंसा पर उतारू हो जाते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि हर डॉक्टर का पहला उद्देश्य मरीज का जीवन बचाना होता है। डॉक्टर भी इंसान हैं, भगवान नहीं। वे अपनी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हैं, लेकिन हर परिस्थिति उनके नियंत्रण में नहीं होती।
समाज को यह समझने की आवश्यकता है कि गंभीर दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में कई बार मरीज की हालत पहले से ही अत्यंत नाजुक होती है। ऐसे में डॉक्टरों के प्रयासों का सम्मान करना चाहिए, न कि उन पर बिना कारण आरोप लगाना चाहिए। डॉक्टर और परिजनों के बीच विश्वास, संयम और संवेदनशीलता ही बेहतर समाज की पहचान है।
लेखन :
नीतेन्द्र सिंह परमार 'भारत'
विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत 
छतरपुर, मध्यप्रदेश

सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह संपन्न - डॉ. विजय कुमार शर्मा

सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह संपन्न छतरपुर प्राइम होटल में आज दिनांक 30/04/2026 को आयोजित सेवानिवृत्ति अभिनंदन समारोह...